गर्मी
गर्मी इतनी
नदियों को भी हुयी
पानी की कमी
उमस गर्मी
दोनों सगी बहनें
ले लेती जान
पसीने संग
टपक रहा दम
गर्मी भीषण
गर्मी बहुत
गुलाम हुए हम
बत्ती के देखो
धूप का खौफ
हुये पेड़ भी तंग
ढूंढें वो छांव
बिन बारिश
जलती दोपहर
मन उदास
जलती दोपहर
मन उदास
धरती त्रस्त
पशु पंछी मानव
ढूंढते जल
काला हो गया
जल कर धूप में
कागा बेचारा
कर जाता है
कोलतारी बदन
जेठ महीना
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