बादल
जुल्फें झटकें
फुहार बरसाएं
देखो घटाएं
बादल आओ
सूर्य बहुत गर्म
पर्दा लगाओ
चली बदरी
संग बादल दूल्हे
नैना बरसे
बारिश आई
छाता कुनमुनाया
क्यों नींद तोडी
ज्यों ही बादल
बिजली चमकाए
घटा बरसे
जंगली मेघ
पहाडो पर उगे
बरसे नहीं
बादल
गरजा
डर
गई बारिश
फिर
ना बरसी
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सावन भादो
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मर गया प्यासा
मेघा बरसो
सूखा ही सूखा
मेघ है परेशान
बरसूँ कंहा
झोली फैलाये
खड़ी हुयी धरती
बरसो मेघ
बरसो मेघ
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नदी नालों को
बांटती है जवानी
ये बरसात
ये बरसात
आसमान में
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ऐसे दिखते मेघ
बहा हों दूध
बिन बारिश
घर की छत पर
चिडिया प्यासी
घर की छत पर
चिडिया प्यासी
धूप उतरी
सूख गयी नदियाँ
बरसो मेघ
सूख गयी नदियाँ
बरसो मेघ
उठो बादल
बिजलियाँ कड़के
बरस जाओ
सुर सजाती
फुहारें बारिश की
झूमते वृक्ष
दूध बहा हों
बादल दिखें ऐसे
आसमान में
कुंए मुंडेर
प्यासा बैठा है पंछी
बरसो मेघ
प्यासा बैठा है पंछी
बरसो मेघ
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