Sunday, 3 July 2016

चढ़ पेड़ पे
चितकबरी धूप
पत्तों से झांके

चित्र उकेरे
चितकबरी धूप
अंगना मेरे

पसरी पड़ी
चितकबरी धूप
पेड़ों के नीचे

डर के छिपी
चितकबरी धूप
खाट के नीचे

हो गई विदा
चितकबरी धूप
दिन जो छिपा



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