Wednesday, 6 July 2016

रात


बोये सितारे
अम्बर पे रात ने
सूरज उगा

जागी सुबह
देख भोर का तारा
सो गई रात

पूनो की रात
चांदनी उतरती
तारों की सीढ़ी

रात परोसे
अम्बर की थाली में
चाँद की रोटी

पी रही रात
चंदा के सकोरे से
चांदनी जाम

आया सूरज
समेट चाँद तारे
चल दी रात

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