रात
बोये सितारे
अम्बर पे रात ने
सूरज उगा
जागी सुबह
देख भोर का तारा
सो गई रात
पूनो की रात
चांदनी उतरती
तारों की सीढ़ी
रात परोसे
अम्बर की थाली में
चाँद की रोटी
पी रही रात
चंदा के सकोरे से
चांदनी जाम
आया सूरज
समेट चाँद तारे
चल दी रात
बोये सितारे
अम्बर पे रात ने
सूरज उगा
जागी सुबह
देख भोर का तारा
सो गई रात
पूनो की रात
चांदनी उतरती
तारों की सीढ़ी
रात परोसे
अम्बर की थाली में
चाँद की रोटी
पी रही रात
चंदा के सकोरे से
चांदनी जाम
आया सूरज
समेट चाँद तारे
चल दी रात
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