निगल गई
झूठ की दलदल
रिश्तों की बेल
धुंध फैलाती
नभ से धरा तक
झीनी चादर
फिर से शुरू
बावन हफ़्तों तक
यात्रा धरा की
धूप वक़्त की
पिघलाती जा रही
बर्फ उम्र की
झूठ की दलदल
रिश्तों की बेल
धुंध फैलाती
नभ से धरा तक
झीनी चादर
फिर से शुरू
बावन हफ़्तों तक
यात्रा धरा की
धूप वक़्त की
पिघलाती जा रही
बर्फ उम्र की
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