रहे ना भूखी
किसी घर बिटिया
इस साल मे
पड़े ना सूखा
ना ही मरे किसान
इस साल मे
लुटे ना फिर
धरा का कोई चाँद
इस साल मे
कर लो प्रण
बढ़े देश की शान
इस साल मे
किसी घर बिटिया
इस साल मे
पड़े ना सूखा
ना ही मरे किसान
इस साल मे
लुटे ना फिर
धरा का कोई चाँद
इस साल मे
कर लो प्रण
बढ़े देश की शान
इस साल मे
No comments:
Post a Comment