खुदगर्ज़
रखा गर्भ मे
सींचा खुद खून से
सहे हैं कष्ट
जन्म फिर दे
क्या क्या न सहा
पाला है तुझे
सीने से लगा
जगती रात भर
फिर भी खुश
खुद ना खाये
पीलाती रहे दूध
पेट भरके
हाथ पकड़
चलना है सिखाया
आगे बढ़ाया
अच्छे से अच्छा
तुझ को है खिलाया
खुद न खाया
अच्छे संस्कार
दिये तुझ को सारे
जीना सिखाया
खुदगर्ज़ तू
दो वक़्त की रोटी भी
खिला ना पाया
रखा गर्भ मे
सींचा खुद खून से
सहे हैं कष्ट
जन्म फिर दे
क्या क्या न सहा
पाला है तुझे
सीने से लगा
जगती रात भर
फिर भी खुश
खुद ना खाये
पीलाती रहे दूध
पेट भरके
हाथ पकड़
चलना है सिखाया
आगे बढ़ाया
अच्छे से अच्छा
तुझ को है खिलाया
खुद न खाया
अच्छे संस्कार
दिये तुझ को सारे
जीना सिखाया
खुदगर्ज़ तू
दो वक़्त की रोटी भी
खिला ना पाया
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