Sunday, 1 March 2015

1
दीवार झांके
खिड़की से बाहर
है चाँद कहाँ

2
बो रहा रोटी
खायेगा भर पेट
बच्चे का ख्वाब

3
करते बातें
मैं और ये किताबें
तन्हाइयों में 

4
लूटी अस्मत
मुर्दों के शहर मे
बोलेगा कौन

5
कर दे खाक
ससुराल की आग
बेटी के ख्वाब 

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